दस हजार से अधिक श्रावकों ने इस समारोह में आचार्य गुणरत्नसूरी महाराज के सानिध्य में अनुमोदन किया
सूरत - पालजैन संघ में 158 तपस्वियों को रजत द्रव्य अर्पित कर के मोक्ष माला पहनाया गया। इस समारोह में 10 हजार से अधिक श्रावकों ने आचार्य गुणरत्नसूरी महाराज के सानिध्य में अनुमोदन किया। आचार्य गुणरत्नसूरी के सानिध्य में 47 दिनों के उपधान तप के आराधना के बाद शुक्रवार को पारणा किया गया। इस अवसर पर 158 श्रावकों को रजत द्रव्य अर्पित कर के मोक्ष माला पहनाया गया। 300 आराधकों ने उपधान तप आराधना की थी। इनमें से 158 आराधकों ने 47 दिन तक साधू जीवन व्यतीत किया। इस सभी का गुरुवार को अडाजण के विभिन्न क्षेत्रों से शोभायात्रा निकाली गई और मोक्ष माला अर्पित किया गया। आचार्य गुणरत्नसूरी महाराज ने बताया कि उपधान तप की आराधना से साधक शुद्ध होता है। मोक्ष माला मुक्ति रूपी कन्या की वरमाला है। साक्षात गुणों की माला है। आचार्य रश्मिरत्नसूरी महाराज ने बताया कि माला का नाम ही मोक्ष माला है। यही बताती है कि साधना का उद्देश्य क्या है। जरी की बनावट वाली 108 मोती की मोक्ष माला अर्पित करने के बाद गुणरत्नसूरी, पुण्यरत्नसूरी, यशोरत्नसूरी, रविरत्न सूरी और हंसकीर्ति सूरी ने सभी तपस्वियों को आशीर्वाद दिया।
सूरत - पालजैन संघ में 158 तपस्वियों को रजत द्रव्य अर्पित कर के मोक्ष माला पहनाया गया। इस समारोह में 10 हजार से अधिक श्रावकों ने आचार्य गुणरत्नसूरी महाराज के सानिध्य में अनुमोदन किया। आचार्य गुणरत्नसूरी के सानिध्य में 47 दिनों के उपधान तप के आराधना के बाद शुक्रवार को पारणा किया गया। इस अवसर पर 158 श्रावकों को रजत द्रव्य अर्पित कर के मोक्ष माला पहनाया गया। 300 आराधकों ने उपधान तप आराधना की थी। इनमें से 158 आराधकों ने 47 दिन तक साधू जीवन व्यतीत किया। इस सभी का गुरुवार को अडाजण के विभिन्न क्षेत्रों से शोभायात्रा निकाली गई और मोक्ष माला अर्पित किया गया। आचार्य गुणरत्नसूरी महाराज ने बताया कि उपधान तप की आराधना से साधक शुद्ध होता है। मोक्ष माला मुक्ति रूपी कन्या की वरमाला है। साक्षात गुणों की माला है। आचार्य रश्मिरत्नसूरी महाराज ने बताया कि माला का नाम ही मोक्ष माला है। यही बताती है कि साधना का उद्देश्य क्या है। जरी की बनावट वाली 108 मोती की मोक्ष माला अर्पित करने के बाद गुणरत्नसूरी, पुण्यरत्नसूरी, यशोरत्नसूरी, रविरत्न सूरी और हंसकीर्ति सूरी ने सभी तपस्वियों को आशीर्वाद दिया।

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