भव्य अहिंसा रैली के साथ तेरापंथ भवन उधना में साध्वी श्री जी का हुआ चातुर्मास प्रवेश
उधना -( अर्जुन मेडतवाल ) महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या "शासन श्री" साध्वी श्री सरस्वतीजी ने आज तेरापंथ भवन, उधना में चातुर्मास हेतु प्रवेश किया। इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, उधना द्वारा भव्य अहिंसा रैली का आयोजन किया गया जिसमें समाज की विभिन्न संस्थाओं के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विशाल श्रावक समुदाय भी उपस्थित रहा। साध्वी श्री सरस्वती जी अपने सहवर्ती साध्वियों के साथ शाश्वत रेसीडेंसी, उधना से विहार कर विशाल रैली के साथ उधना गांव, उधना मेनरोड होते हुए तेरापंथ भवन, उधना पधारे। इस अवसर पर उधना तेरापंथ ज्ञानशाला द्वारा आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के जीवन के विविध प्रसंगों पर आधारित झांकी भी प्रस्तुत की गई जो दर्शनीय नजारा बन गई।
इस अवसर पर उपस्थित जन मेदिनी को संबोधित करते हुए " शासन श्री " साध्वी श्री सरस्वतीजी ने कहा-- भारत देश यह उगते सूरज का देश है। सूर्य यहीं से उदित होता है और बाद में समग्र विश्व को रोशनी देता है। मात्र भौतिक सूर्य ही नहीं आध्यात्मिकता के सूर्य का उदय भी इसी धरती से हुआ है।
साध्वी श्री ने आगे कहा -- भारतीय संस्कृति अध्यात्म की संस्कृति है। यहां संतों का हमेशा स्वागत हुआ है क्योंकि संत हमेशा सच्ची राह बताते हैं। यह दुनिया एक मेला है। और मेले में भौतिकता की भरमार लगी हुई है। भौतिकता की चकाचौंध वाले इस मेले में जाओगे तो खो जाने का डर रहता है, लेकिन संतो के पास आओगे तो जीवन का सच्चा मार्ग मिल जाएगा। जो संतों के चरणों में आते हैं वे भव-भ्रमण की जंजाल से मुक्त हो जाते हैं- हो सकते हैं। साध्वी श्री जी ने गत वर्ष के सूरत चतुर्मास को अविस्मरणीय बताते हुए उधना क्षेत्र के श्रावकों की धार्मिक श्रद्धा की अनुमोदना की।उन्होंने कहा- इस क्षेत्र में श्रद्धा के अशोक वृक्ष लगे हुए हैं जो कभी निराशा और शोक को आने नहीं देंगे। साध्वी श्री ने अपनी बीमारी के दौरान चिकित्सा करने वाले डॉक्टर निर्मलजी चौरडिया की सेवाओं की मुक्त कंठ से अनुशंसा की। साध्वी श्री संवेगप्रभाजी, मृदुलाकुमारीजी, हेमलताजी, अर्चनाश्रीजी, नंदिताश्रीजी एवं तरुणप्रभाजी ने रोचक परिसंवाद की प्रस्तुति से सबको प्रमुदित कर दिया।
आज के कार्यक्रम में नवसारी सूरत के सांसद एवं भारत सरकार द्वारा सांसद हाउसिंग समिति के नव मनोनीत अध्यक्ष श्री सी.आर. पाटील, विधानसभा सदस्य श्री विवेकभाई पटेल, श्रीमती संगीता बहेन पाटील, सूरत महानगर पालिका के उपमहापौर श्री निरवभाई शाह, रुग्णालय समिति के चेयरमैन श्री मूलजीभाई ठक्कर आदि उपस्थित रहे।
तेरापंथी सभा, उधना के अध्यक्ष श्री बसंतीलालजी नाहर ने स्वागत वक्तव्य में साध्वी श्री जी के इस चातुर्मास को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया एवं सभी श्रावक श्राविका ओं को पूरे चातुर्मास के दौरान अधिकाधिक धर्माराधना करने का आह्वान किया।सूरत भजन मंडली, उधना भजन मंडली, पांडेसरा एवं उधना ज्ञानशाला एवं कन्या मंडल आदि ने प्रभावक प्रस्तुति की। महासभा गुजरात प्रभारी श्री लक्ष्मीलाल जी बाफना, उपासक प्रचेता श्री उत्तमजी बोहरा, सूरत तेरापंथी सभा के अध्यक्ष श्री ललितजी खोखावत, तेयुप. सूरत मंत्री श्री सुरेशजी श्री श्रीमाल, तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती श्रेया बाफना, म.मं. रा.का.सदस्य श्रीमती मंजू नौलखा, अणुव्रत समिति अध्यक्ष श्री नेमीचंदजी कावड़िया, टी.पी.एफ. अध्यक्ष श्री राहुलजी राठौड़, तेयुप. उधना अध्यक्ष श्री संजयजी बोथरा, अ.भा.तेयुप. कार्यसमिति सदस्य श्री अर्पितजी नाहर आदि ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति की। पूज्य गुरुदेव के मंगल संदेश का वाचन श्री पारसजी बाफना ने किया। आज तेरापंथ महिला मंडल, उधना का शपथविधि कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती कनक बरमेचाने नव मनोनीत महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती श्रेया बाफना एवं कार्यकारिणी की शपथ विधि करवाई। कार्यक्रम का संचालन तेरापंथी सभा के सहमंत्री श्री अरुणजी चंडालिया ने किया।



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