आचार्य महाप्रज्ञ जी की स्मृति को चिरंजीव बनाने के लिए भगवान महावीर एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा विशाल बिल्डिंग का नामकरण " आचार्य महाप्रज्ञ भवन " करने की घोषणा की गई। आचार्य महाप्रज्ञ पुस्तकालय का लोकार्पण एवं जीवन विज्ञान प्रशिक्षण शुरू करने की भी घोषणा की गई।
सूरत - महान दार्शनिक, विश्व संत आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी का जन्म शताब्दी वर्ष दिनांक 30 जून 2019 से प्रारम्भ हो गया है। आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी करुणा के अजस्र स्रोत थे। उन्होंने नैतिकता एवं मानवीय मूल्यों के विकास के लिए अनेक अवदान दिए। विद्यार्थी अवस्था से ही बच्चों में संस्कारों का संवर्धन हो इस उदात्त हेतु से उन्होंने शिक्षा जगत को "जीवन विज्ञान" जैसा अमूल्य उपक्रम प्रदान किया। उनकी स्मृति को चिरंजीव बनाने के लिए आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती "उग्रविहारी" "तपोमूर्ति" मुनि श्री कमल कुमार जी की प्रेरणा से आज भगवान महावीर एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा तीन रचनात्मक एवं ऐतिहासिक कार्यों की शुभ शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत मुनि श्री कमल कुमार जी के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में भगवान महावीर इंटरनेशनल स्कूल परिसर में विशाल बिल्डिंग का नामकरण "आचार्य महाप्रज्ञ भवन" करने की घोषणा फाउंडेशन के चीफ ट्रस्टी श्री सुरेशजी जैन की सहमति से श्री संजयजी जैन एवं श्री अनिलजी जैन ने की।
इसी के साथ "आचार्य महाप्रज्ञ पुस्तकालय" का लोकार्पण मुनि श्री के द्वारा मंगल पाठ सुनाकर किया गया। संस्था के अन्य ट्रस्टी श्री जगदीश जी जैन द्वारा भगवान महावीर इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 3 से 8 के छात्रों को नियमित एवं विधिवत रूप से जीवन विज्ञान पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण देने की घोषणा की गई।
इस अवसर पर संस्था के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मंगल उद्बोधन देते हुए मुनि श्री कमल कुमार जी ने कहा -- भगवान महावीर एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा घोषित किए गए इन तीनों उपक्रमों का महत्व इसलिए है कि ये तीनों रचनात्मक कार्यक्रम है और आने वाली पीढ़ियों पर उसका विधायक प्रभाव पड़ने वाला है। इसके द्वारा दशाब्दियों ही नहीं, बल्कि शताब्दियों तक संस्कार संवर्धन होने वाला है। आचार्य महाप्रज्ञ जी युग दृष्टा महापुरुष थे। उन्होंने जीवन विज्ञान का जो उपक्रम दिया वह जीवन जीने की सच्ची कला सिखाता है और इसीलिए उसका महत्व है। जीवन विज्ञान हिंदू को मुसलमान बनाने का नहीं या निर्धन को धनवान बनाने का नहीं बल्कि इंसान को इंसान बनाने का उपक्रम है आगामी समय में जीवन विज्ञान के प्रशिक्षकों द्वारा यह संस्थान शिक्षा का उत्तम धाम बन जाएगा ऐसा विश्वास है।
लाडनूं से समागत जीवन विज्ञान के केंद्रीय प्रशिक्षक श्री हनुमान जी शर्मा ने कहा -- जीवन विज्ञान शिक्षा जगत के लिए वरदान है। भौतिक विकास के साथ उद्भवित होने वाली समस्याओं पर जीवन विज्ञान आध्यात्मिक अंकुश है।
अणुव्रत जीवन विज्ञान अकादमी, सूरत के परामर्शक श्रीमती अलका सांखला ने कहा-- स्वस्थ समाज की संरचना के लिए संयम, अनुशासन एवं नैतिकता का बीजारोपण करना पड़ेगा। जीवन विज्ञान ऐसा बीजारोपण करने का उपक्रम है।
भगवान महावीर इंटरनेशनल स्कूल के व्यवस्थापक श्रीमती पूजा देसाई एवं भावना बहन ने संस्था का परिचय दिया। आभार ज्ञापन तेरापंथी सभा, सूरत के अध्यक्ष श्री ललितजी खोखावत एवं संचालन मंत्री श्री राजेश जी बोथरा ने किया।
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