सूरत - (3 अगस्त 2018) महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी की शिव सुशिष्या "शासन श्री" साध्वी
श्री सरस्वती जी के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के
तत्वावधान में तेयुप. सूरत द्वारा छोटे बालकों के संस्कार वर्धन हेतु मंत्र
दीक्षा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके तहत 474 बच्चों को मंत्र
दीक्षा प्रदान की गई।
इस अवसर पर उपस्थित बालकों को संबोधित करते हुए "शासन श्री" साध्वी श्री सरस्वती जी ने कहा बच्चे समाज एवं राष्ट्र का भविष्य है। यदि बच्चे संस्कारी होंगे तो समाज संस्कारी बनेगा एवं राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनेगा। उन्होंने नमस्कार महामंत्र की महत्ता कहानी के माध्यम से बच्चों को समझाई।
तेरापंथी सभा, सूरत के सह मैनेजिंग ट्रस्टी श्री बाबूलाल जी तलेसरा ने श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया। तेयुप. सूरत के अध्यक्ष श्री संजय जी भंसाली ने मंत्र दीक्षा को बच्चों के सुसंस्कारी बनाने की दिशा में एक स्वर्णिम सोपान बताया। तेयुप. भजन मंडली ने विजय गीत का संगान किया। ज्ञानशाला के बच्चों ने भी मंगल संगान की प्रस्तुति की।
इसी के साथ साथ सूरत शहर के विभिन्न उपनगर वराछा, अडाजण, अमरोली, त्रिकम नगर आदि विस्तारों की ज्ञानशाला में भी बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। अदाजन ज्ञानशाला में 97 बच्चों को उपासक श्री गौतम जी बैदमुथाने, अमरोली में 39 बच्चों को उपासक श्री अशोक जी परमार ने, वराछा में 47 बच्चों को उपासक श्री दिनेश जी राठौड़ ने एवं त्रिकम नगर में 69 बच्चों को उपासक श्री राहुल जी खोखावत ने मंत्र दीक्षा दिलवाई। कुल मिलाकर 727 बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, सूरत तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, ज्ञानशाला प्रकोष्ठ आदि सभी संस्थाओं का तथा ज्ञानशाला संयोजक, सहसंयोजक आदि सभी का बहुत अच्छा सहयोग रहा।
तेरापंथी सभा, सूरत के अध्यक्ष श्री सुशील जी सुराणा ने एवं ज्ञानशाला संयोजक श्री हरीश जी कावड़िया ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की।
अर्जुन मेड़तवाल (उधना-सूरत)
राष्ट्रीय प्रिन्ट मीडिया प्रभारी,
अणुव्रत महासमिति-नई दिल्ली
इस अवसर पर उपस्थित बालकों को संबोधित करते हुए "शासन श्री" साध्वी श्री सरस्वती जी ने कहा बच्चे समाज एवं राष्ट्र का भविष्य है। यदि बच्चे संस्कारी होंगे तो समाज संस्कारी बनेगा एवं राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनेगा। उन्होंने नमस्कार महामंत्र की महत्ता कहानी के माध्यम से बच्चों को समझाई।
तेरापंथी सभा, सूरत के सह मैनेजिंग ट्रस्टी श्री बाबूलाल जी तलेसरा ने श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया। तेयुप. सूरत के अध्यक्ष श्री संजय जी भंसाली ने मंत्र दीक्षा को बच्चों के सुसंस्कारी बनाने की दिशा में एक स्वर्णिम सोपान बताया। तेयुप. भजन मंडली ने विजय गीत का संगान किया। ज्ञानशाला के बच्चों ने भी मंगल संगान की प्रस्तुति की।
इसी के साथ साथ सूरत शहर के विभिन्न उपनगर वराछा, अडाजण, अमरोली, त्रिकम नगर आदि विस्तारों की ज्ञानशाला में भी बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। अदाजन ज्ञानशाला में 97 बच्चों को उपासक श्री गौतम जी बैदमुथाने, अमरोली में 39 बच्चों को उपासक श्री अशोक जी परमार ने, वराछा में 47 बच्चों को उपासक श्री दिनेश जी राठौड़ ने एवं त्रिकम नगर में 69 बच्चों को उपासक श्री राहुल जी खोखावत ने मंत्र दीक्षा दिलवाई। कुल मिलाकर 727 बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, सूरत तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, ज्ञानशाला प्रकोष्ठ आदि सभी संस्थाओं का तथा ज्ञानशाला संयोजक, सहसंयोजक आदि सभी का बहुत अच्छा सहयोग रहा।
तेरापंथी सभा, सूरत के अध्यक्ष श्री सुशील जी सुराणा ने एवं ज्ञानशाला संयोजक श्री हरीश जी कावड़िया ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की।
अर्जुन मेड़तवाल (उधना-सूरत)
राष्ट्रीय प्रिन्ट मीडिया प्रभारी,
अणुव्रत महासमिति-नई दिल्ली



No comments:
Post a Comment