Tuesday, 24 July 2018

जीवन इत्र से नहीं शील और चरित्र से महकता है -- " शासन श्री " साध्वी श्री सरस्वतीजी

अणुव्रत समिति के शपथ विधि समारोह में उद्बोधन

अणुव्रत समिति सूरत-उधना का शपथ विधि समारोह अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी की  सुशिष्या "शासन श्री" साध्वी श्री सरस्वती जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन सिटी लाइट में आयोजित हुआ।
        इस अवसर पर मंगल उद्बोधन देते हुए शासन श्री साध्वी श्री सरस्वतीजी ने कहा --अणुव्रत आचार्य श्री तुलसी द्वारा प्रवर्तित नैतिकता एवं चरित्र विकास का आंदोलन है। व्यक्ति सुधार द्वारा समाज सुधार एवं राष्ट्र सुधार का यह विशिष्ट अभियान है। व्यक्ति के आचार, विचार एवं व्यवहार में नैतिकता होनी चाहिए तभी समाज एवं राष्ट्र विकास के मार्ग पर प्रयाण कर सकते हैं।
         साध्वी श्री ने आगे कहा-- कुछ लोग अच्छे दिखने के लिए स्वच्छ कपड़े पहनते हैं, नए कपड़े पहनते हैं एवं शरीर पर इत्र भी लगाते हैं। शरीर एवं कपड़ो पर इत्र लगाने से नहीं किंतु शील एवं चरित्र के द्वारा जीवन महकता है। साध्वी श्री संवेगप्रभा जी ने कहा -- अणुव्रत यह जीवन की संजीवनी है। अनीति, भ्रष्टाचार एवं चारित्रिक पतन को रोकने की यह रामबाण औषधि है। अणुव्रत इतना मुश्किल भी नहीं जिसे जीवन में अपनाया न जा सके।
      वर्ष 2018 -- 20 के लिए अणुव्रत समिति सूरत उधना के  अध्यक्ष के रुप में श्री नेमी चंद जी कावड़िया का सर्वानुमति मनोनयन हुआ। उनके नेतृत्व में नव मनोनीत पदाधिकारी एवं कार्य समिति सदस्यों ने शपथ ग्रहण किया।शपथ विधि निवर्तमान अध्यक्ष श्री कांतिलाल जी सिसोदिया ने करवाई।
       अध्यक्ष श्री नेमीचंद जी कावड़िया एवं मंत्री श्री विजय कांत जी खटेड ने अणुव्रत के अभियान को जन जन तक पहुंचाने हेतु अपनी प्रतिबद्धता व्यक्ति की। परामर्शक श्री बालचंद जी बेताला, जयंतीलाल जी कोठारी, अर्जुनजी मेडतवाल, लक्ष्मी लाल जी बाफ़ना, राजेशजी सुराणा, तेरापंथी सभा सूरत के अध्यक्ष श्री सुशील जी सुराणा, तेरापंथी सभा उधना के अध्यक्ष श्री बसंती लाल जी नाहर आदि ने मंगल भावना प्रदर्शित की। श्री कांतिभाई मेहता के नेतृत्व में अणुव्रत कार्यकर्ताओं ने अनुव्रत गीत का संगान किया। आभार ज्ञापन अणुव्रत सेवी श्री मीठा लाल जी भोगर ने किया कार्यक्रम का संचालन अणु्व्रत महासमिति के पूर्व राष्ट्रीय प्रचार प्रसार मंत्री श्री अर्जुन जी मेडतवाल ने किया

         

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