सूरत -(अर्जुन मेड़तवाल)अणुव्रत समिति सूरत उधना के तत्वावधान में सूरत के समीप लाजपोर सेंट्रल जेल में क़ैदी सुधारणा एवं नशा मुक्ति के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अणुव्रत समिति सूरत-उधना के अध्यक्ष श्री कांतिलालजी सिसोदिया ने सभी कैदियों को अपने अतीत को भूल कर नए सिरे से सात्विक जीवन जीने की शुरुआत करने का अनुरोध किया।उन्होंने आचार्य श्री महाश्रमण जी की अहिंसा यात्रा के तीन उद्देश्य सद्भावना, नैतिकता और नशा मुक्ति का उल्लेख करते हुए सभी कैदियों को नशा मुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।
परामर्शक श्री बालचंदजी बेताला ने अणुव्रत शब्द का मर्म समझाते हुए व्यसनों से दूर रहने का अनुरोध किया। श्रीमती मधु देरासरिया ने नशे को खतरनाक दूषण बताते हुए उससे दूर रहने की अपील की। उन्होंने नशीले एवं मादक द्रव्यों द्वारा व्यक्ति के शरीर की किस प्रकार से बर्बादी होती है उस बात को सरल भाषा में समझाया।
प्रायोजक श्री अनिल जी चंडालिया ने अपराध वृत्ति के लिए नशे को जिम्मेदार बताते हुए नशा मुक्त जीवन जीने का अनुरोध किया। प्रेक्षा प्रशिक्षक श्रीमती संगीता नाहटा ने व्यसनमुक्ति हेतु आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी द्वारा प्रेरित प्रेक्षाध्यान के कुछ महत्वपूर्ण प्रयोग करवाए।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक श्री आर. डी. श्रीमाली जी ने अणुव्रत समिति द्वारा आयोजित नशा मुक्ति अभियान को समाज उत्कर्ष के लिए अत्यंत उपयोगी बताया एवं इस संदर्भ में अणुव्रत समिति सूरत-उधना द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।अणुव्रत समिति के उपाध्यक्ष श्री नेमीचंद जी कावड़िया, श्री अनिलजी चंडालिया एवं श्री रतनजी भलावत ने अणुव्रत गीत का संगान किया। कार्यक्रम का संचालन अणुव्रत समिति के परामर्शक श्री अर्जुन जी मेड़तवाल ने किया। श्रीमती मंजू भंसाली ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति की। श्रीमती सरोज सेठिया परामर्शक श्री जयंतीभाई कोठारी आदि उपस्थित थे।
अणुव्रत समिति के मंत्री श्री विजयजी पालगोताने आभार ज्ञापन किया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक श्री एच.एम. शाह, श्री देसाई साहब एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को कैदियों के जीवन परिवर्तन के लिए बहुत उपयोगी बताया। अणुव्रत समिति द्वारा जैल में उपयोग हेतु कुछ डस्टबिन भेंट की। जैल में लगाने के लिए अणुव्रत आचारसंहिता के पट्ट भेंट किए गए।साथ ही कैदी भाई बहनों को आवश्यक सामग्री की कीट एवं फल वितरण किया गया।
अर्जुन मेड़तवाल

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