अल्पसंख्यक योजनाओं को समाज के जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाने के लिए टीपीएफ कर रही सेतु का कार्य - साध्वीश्री सोमलता जी
मुंबई। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम सरकार की अल्पसंख्यक योजनाओं को ज़रूरतमंद जैन परिवारों तक पहुँचाने के लिए सेतु का कार्य कर रही है। आज वास्तविकता में जिसे जरुरत है और जहाँ से उस जरुरत की पूर्ति हो सकती है इन दोनों के बीच सेतु की भूमिका निभाना एक बड़ा दायित्व और सेवा का कार्य है। आज समाज के अनेकों परिवार इन योजनाओं से अनभिज्ञ और वंचित है उन तक इन योजनाओं को पहुँचाने का बीड़ा तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम ने उठाया है। यह विचार आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी शिष्या शासनश्री साध्वीश्री सोमलताजी ने कांदिवली तेरापंथ भवन में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम मुंबई द्वारा आयोजित “मेगा माइनॉरिटी सेमिनार” में प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए व्यक्त किये ।
सेमिनार में टीपीएफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ बलवंत चोरडिया ने कहा कि टीपीएफ तेरापंथ धर्मसंघ कि चौथी केन्द्रीय संगठनमूलक संघीय संस्था है, जो समाज मे शिक्षा, चिकित्सा, आध्यात्म, लीगल, माइनॉरिटी और सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय सहमंत्री एवं माइनॉरिटी सेल प्रभारी अंकुर बोरदिया ने कहा कि अभी भी जैन समाज सरकार की अल्पसंख्यक योजनाओं से पूर्ण रूप से नहीं जुड़ पाया है। हमे अपनी मानसिकता को बदलते हुए इस बात को स्वीकार करना होगा कि सरकार और विभाग हमारे साथ है बस जरुरत हमें पहल करते हुए इन योजनाओं से जुड़ कर इनके लाभ प्राप्त करने की है। आज कई परिवार ऐसे है जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, अपने बच्चो की पढ़ाई, रोजगार, व्यापार आदि समस्याओं का सामना कर रहे हैं। समाज के ऐसे परिवारों तक पहुंचकर उन्हें इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हमें संयुक्त प्रयास करने होंगे। इसी उद्देश्य से संस्था द्वारा टीपीएफ माइनॉरिटी बेनिफिट अवेयरनेस सेल का गठन किया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय आर्बिट्रेटर कैलाश बाफ़ना, वेस्ट ज़ोन सचिव राज सिंघवी, के.एल परमार एवं दिलीप सरावगी की विशेष उपस्थिति रही।
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं मौलाना आजाद माइनॉरिटीज फाइनेंसियल डवलपमेंट कारपोरेशन लि की एक्सपर्ट टीम से गणेश सुरवासे, शेख शकील शेख शौकत एवं नसरल्लाह रहमान खान, संजय कदम ने समाजजनों को विद्यार्थियों के लिए स्कोलरशिप योजनाओं, महिलाओं को लिए गृह उद्योग स्थापित करने सहित आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाओं , युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं सहित व्यापार स्थापित करने के लिए बिज़नस लोन, उच्च शिक्षा हेतु एजुकेशन लोन जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की एवं सभी की जिज्ञासाओ का समाधान किया।
इससे पूर्व प्रारंभ में सेमिनार की शुरुवात नमस्कार महामन्त्र से हुई। साध्वी संचितयशाजी ने मंगलाचरण गीतिका एवं चिराग पामेचा ने टीपीएफ गीत का संगान किया। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम मुंबई ब्रांच अध्यक्ष मनीष कोठरी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि जैन समाज को अल्पसंख्यक योजनाओं से मिलने वाले फायदों की जानकारी प्रदान कराना इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य है। मंत्री दीपक डागलिया ने अंत में सभी का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का सफल संचालन मनीष कटारिया ने किया।
इस अवसर पर नए सदस्यों को मेम्बरशिप किट भी प्रदान किये गए। सेमिनार में मुख्य रुप से रमेश सिंघवी, हितेश हिरन, अमर बापना, गज़सुख बोराना, अंकित डांगी, अनिल चपलोत, चिराग़ पामेचा, प्रीतम राठौड़, अशोक धाकड, विनोद कोठारी, विवेक भंडारी, कमल मेहता, दिलखुश मेहता, डॉ कपिल सिसोदीया सहित बड़ी संख्या में टीपीएफ सदस्यों व समाजजनों की उपस्थिति रही।
मुंबई। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम सरकार की अल्पसंख्यक योजनाओं को ज़रूरतमंद जैन परिवारों तक पहुँचाने के लिए सेतु का कार्य कर रही है। आज वास्तविकता में जिसे जरुरत है और जहाँ से उस जरुरत की पूर्ति हो सकती है इन दोनों के बीच सेतु की भूमिका निभाना एक बड़ा दायित्व और सेवा का कार्य है। आज समाज के अनेकों परिवार इन योजनाओं से अनभिज्ञ और वंचित है उन तक इन योजनाओं को पहुँचाने का बीड़ा तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम ने उठाया है। यह विचार आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी शिष्या शासनश्री साध्वीश्री सोमलताजी ने कांदिवली तेरापंथ भवन में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम मुंबई द्वारा आयोजित “मेगा माइनॉरिटी सेमिनार” में प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए व्यक्त किये ।
सेमिनार में टीपीएफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ बलवंत चोरडिया ने कहा कि टीपीएफ तेरापंथ धर्मसंघ कि चौथी केन्द्रीय संगठनमूलक संघीय संस्था है, जो समाज मे शिक्षा, चिकित्सा, आध्यात्म, लीगल, माइनॉरिटी और सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय सहमंत्री एवं माइनॉरिटी सेल प्रभारी अंकुर बोरदिया ने कहा कि अभी भी जैन समाज सरकार की अल्पसंख्यक योजनाओं से पूर्ण रूप से नहीं जुड़ पाया है। हमे अपनी मानसिकता को बदलते हुए इस बात को स्वीकार करना होगा कि सरकार और विभाग हमारे साथ है बस जरुरत हमें पहल करते हुए इन योजनाओं से जुड़ कर इनके लाभ प्राप्त करने की है। आज कई परिवार ऐसे है जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, अपने बच्चो की पढ़ाई, रोजगार, व्यापार आदि समस्याओं का सामना कर रहे हैं। समाज के ऐसे परिवारों तक पहुंचकर उन्हें इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हमें संयुक्त प्रयास करने होंगे। इसी उद्देश्य से संस्था द्वारा टीपीएफ माइनॉरिटी बेनिफिट अवेयरनेस सेल का गठन किया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय आर्बिट्रेटर कैलाश बाफ़ना, वेस्ट ज़ोन सचिव राज सिंघवी, के.एल परमार एवं दिलीप सरावगी की विशेष उपस्थिति रही।
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं मौलाना आजाद माइनॉरिटीज फाइनेंसियल डवलपमेंट कारपोरेशन लि की एक्सपर्ट टीम से गणेश सुरवासे, शेख शकील शेख शौकत एवं नसरल्लाह रहमान खान, संजय कदम ने समाजजनों को विद्यार्थियों के लिए स्कोलरशिप योजनाओं, महिलाओं को लिए गृह उद्योग स्थापित करने सहित आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाओं , युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं सहित व्यापार स्थापित करने के लिए बिज़नस लोन, उच्च शिक्षा हेतु एजुकेशन लोन जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की एवं सभी की जिज्ञासाओ का समाधान किया।
इससे पूर्व प्रारंभ में सेमिनार की शुरुवात नमस्कार महामन्त्र से हुई। साध्वी संचितयशाजी ने मंगलाचरण गीतिका एवं चिराग पामेचा ने टीपीएफ गीत का संगान किया। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम मुंबई ब्रांच अध्यक्ष मनीष कोठरी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि जैन समाज को अल्पसंख्यक योजनाओं से मिलने वाले फायदों की जानकारी प्रदान कराना इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य है। मंत्री दीपक डागलिया ने अंत में सभी का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का सफल संचालन मनीष कटारिया ने किया।
इस अवसर पर नए सदस्यों को मेम्बरशिप किट भी प्रदान किये गए। सेमिनार में मुख्य रुप से रमेश सिंघवी, हितेश हिरन, अमर बापना, गज़सुख बोराना, अंकित डांगी, अनिल चपलोत, चिराग़ पामेचा, प्रीतम राठौड़, अशोक धाकड, विनोद कोठारी, विवेक भंडारी, कमल मेहता, दिलखुश मेहता, डॉ कपिल सिसोदीया सहित बड़ी संख्या में टीपीएफ सदस्यों व समाजजनों की उपस्थिति रही।

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