श्री माजीसा धाम सूरत पैदल यात्रा संघ का सफल आयोजन सपन हुवा।
सूरत (चम्पालाल छाजेड़ पत्रकार)
श्री माजीसा माताराणी भटियाणी ट्रस्ट सूरत द्वारा आज प्रथम ज्येष्ठ सुदि १३ दिनांक 27 मई को सुबह 4 बजे सूरत से माजीसा धाम तक पैदल यात्रा संघ का आयोजन किया गया।
धाम के अध्यक्ष पुखराज संकलेचा देवड़ा ने बताया कि माजीसा भक्तो की भावनाओ को ध्यान में रखते हुवे इस बार तेरस को पेदल यात्रा का आयोजन श्री घंटीयाल बालाजी मन्दिर,महावीर मार्किट,सारोली रोड,पर्वत पाटिया से किया गया जिसमें रास्ते मे चाय,नाश्ता, एव डी जे व्यवस्था के लाभार्थी परिवार श्री राकेश जी कपूरिया एव जुगल जी लढ़ा की तरफ से सुंदर व्यवस्था की गई।
रमेश राठी ने बताया कि पैदल यात्रा संघ में लगभग 500 पदयात्री डी जे संगीत की धुनों पर माजीसा के भक्त पुरुष धवल कपड़ो एव महिलाये राजस्थानी परम्परा की लाल-केसरिया चूंदड़ी,साड़ी में सजी धजी माजीसा के गीतों पर झूमते,नाचते,गाते हुवे 16 किलोमीटर की यात्रा तय कर लगभग 9 बजे पहुचे।
रास्ते मे कई जगह पर पेदल यात्रियों के लिए पानी,चाय,बिस्किट,कचोरी,ज्यूस,आदि की व्यवस्था की गई।
जहा पहुचने पर हर तेरस को होने वाली श्री माजीसा की विधिवत पूजा,धूप,आरती आदि की गई।जिसमे सेकड़ो श्रदालुओ ने भाग लिया।लुणसिंह भाटी ने जानकारी दी कि आरती के समय कई श्रद्धालु अपने अपने वाहन साधनों आदि व्यवस्था से दर्शन करने पधारे एव आरती का लाभ लिया।
रमेश वडेरा ने बताया कि उसके बाद परम पूज्य,श्रधेय गुरुवर श्री राजाराम जी महाराज एव श्रधेय संत श्री कृपाराम जी महाराज का प्रवचन हुवा, जिसमे हजारो श्रद्धालुओ ने भाग लिया।
नरेश बोहरा ओर राकेश भन्साली ने सयुक्त रूप से बताया कि इस अवसर पर संतो ने कहा कि सच्ची श्रद्धा से ही अच्छे कार्य होता है अगर श्रद्धा हो तो भगवान और देवी देवता भी हमेशा उनका साथ ही देते है।जिसका जीता जागता प्रमाण आपके सामने दिखेगा कूछ ही समय जब यह माजीसा धाम बनकर तैयार हो जावेगा।
ट्रस्ट मण्डल की तरफ से माजीसा धाम में निर्माण कार्य मे हर माजीसा भक्त को जुड़ने की अपील की गई।कम से कम 1000/-राशि देकर निर्माण कार्य मे एक ईंट लिखा सकते है।एव ट्रस्ट मण्डल द्वारा निर्माण से सम्बंधित चल रही योजनाओं में लाभ लेने हेतु धाम के सदस्यों से संपर्क कर सकते है।
इससे पूर्व संत महात्माओं का माजीसा धाम ट्रस्ट मण्डल की तरफ से आदर,समान,सत्कार, बहुमान कर आशीर्वाद लिया गया।
कार्यक्रम के बाद तेरस की प्रसादी पप्पूलाल जी मांगीलाल जी भूतड़ा परिवार की तरफ से रखी गई।
सभी पेदल यात्रियों को पुनः वाहन साधनों द्वारा सूरत शहर में छोड़ा गया।
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