Sunday, 20 May 2018

सामुदायिक धर्माराधना का श्रेष्ठ अवसर उपलब्ध करवाता है तेरापंथ भवन-- मुनि श्री संजय कुमारजी*



               
तेरापंथी महासभा के निवर्तमान अध्यक्ष किशन लालजी डागलिया एवं श्री ख्यालीलालजी तातेड़ की प्रेरक उपस्थिति।

" प्रत्येक व्यक्ति आध्यात्मिक विकास करते हुए आत्मोन्नति के शिखर तक पहुंचने का प्रयास करता है। आध्यात्मिक विकास के दो मार्ग है-- व्यक्तिगत आराधना एवं सामुदायिक आराधना। सामुदायिक आराधना के लिए संस्था या समाज  द्वारा निर्मित उपयुक्त सामुदायिक स्थान की आवश्यकता रहती है। चलथाण में तेरापंथ जैन समाज द्वारा निर्मित तेरापंथ भवन सामुदायिक धर्माराधना का श्रेष्ठ केंद्र बन सकता है। "
          महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री संजय कुमार जी ने सूरत के समीप चलथाण में  तेरापंथ भवन के उद्घाटन प्रसंग पर उपस्थित विशाल जनमेदिनी को संबोधित करते हुए उपरोक्त शब्दों का उच्चारण किया। 
        मुनि श्री ने आगे कहा -- यहां का तेरापंथ भवन शाताकारी प्रतीत हो रहा है। यह भवन सामूहिक धर्माराधना के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा ऐसा विश्वास है। यहां दिन-प्रतिदिन धार्मिक भावना का विकास हो एवं पूज्य गुरुदेव द्वारा निर्देशित शनिवार की सामायिक अधिकाधिक संख्या में हो ऐसी मंगल भावना प्रदर्शित करता हूं। 
        मुनि श्री प्रसन्नकुमारजी ने कहा -- तेरापंथ के आद्यसंस्थापक आचार्य श्री भिक्षु ने अहंकार और ममकार के त्याग की प्रेरणा दी। तेरापंथ भवन त्याग तपस्या के साथ-साथ ममत्व के विसर्जन की भी प्रेरणा देता है। तेरापंथ भवन के नव निर्माण के साथ अब यहां पर सामुदायिक धर्माराधना का विकास होगा एवं साधु-साध्वियों का भी अधिक सान्निध्य उपलब्ध होगा। उन्होंने सकारात्मक चिंतन के विकास की एवं संघीय नीति नियमों के अनुपालन की प्रेरणा दी।
       मुनि श्री प्रकाश कुमार जी इस अवसर पर उपस्थित रहे। मुनि श्री धैर्यकुमार जी ने मंगल गीत का संगान किया।
         समारोह के अध्यक्ष तेरापंथी महासभा के प्रधान न्यासी एवं निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री किशनलाल जी डागलिया (मुम्बई) ने तेरापंथ भवन में आध्यात्मिक आराधना को प्रमुखता देते हुए उसकी पवित्रता बरकरार रखने की एवं भवन के उपयोग हेतु आचार संहिता या  नियमावली का निर्माण कर  उसकी अनुपालना करने का अनुरोध किया।
      
 विशिष्ट अतिथि के रूप में मुम्बई से पधारे हुए आचार्य भिक्षु समाधि स्थल संस्थान-सिरियारी के नव मनोनीत अध्यक्ष श्री ख्यालीलाल जी तातेड़ ने तेरापंथ भवन के उद्घाटन के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए भवन निर्माण के शिल्पी तेरापंथी सभा चलथाण के अध्यक्ष श्री तेजमल जी नौलखा के श्रमकी सराहना की एवं  उनकी टीम के सामूहिक प्रयास की अनुमोदना की।
       तेरापंथी सभा चलथाण के अध्यक्ष श्री तेजमल जी नौलखा, तेरापंथी  महासभा के गुजरात प्रभारी श्री लक्ष्मी लाल जी बाफणा, महासभा कार्यसमिति सदस्य श्री अनिल कुमार जी चंडालिया, श्री हनुमानमलजी लुंकड़,,सूरत सभाध्यक्ष श्री नानालाल जी राठौड़ उधना सभाध्यक्ष श्री बसंतीलालजी नाहर, "अणुव्रत सेवी" श्री अर्जुनजी मेड़तवाल, श्री सुरेशजी पितलिया, श्री शंकर लाल जी दुगड़, आदि ने प्रासंगिक शुभकामना व्यक्त की।महासभा गुजरात विसर्जन प्रभारी श्री मांगीलालजी हिरण उपस्थित रहे।
         इस अवसर पर तेरापंथ भवन के निर्माण में सहयोगी विशिष्ट महानुभावों का प्रतीक चिन्ह भेंट कर  सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन तेयुप उपाध्यक्ष श्री ज्ञानचंद जी दुगड़ ने किया। तेरापंथ महिला मंडल चलथाण की बहनों ने मंगलाचरण किया। तेयुप भजन मंडली एवं ज्ञानशाला  ने मनोरम्य प्रस्तुति दी।
        इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा पर्वत पाटिया के नव मनोनीत अध्यक्ष श्री गौतम जी ढेलडिया ने अपनी टीम के साथ उपस्थिति दर्ज करवाई एवं मुनि श्री से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किए।

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