Friday, 24 November 2017

घर नहीं मन बड़ा हो तभी परिवार बन सकता है : आचार्य राजरक्षित विजय

सूरत | अठवालाइंस जैन संघ में आचार्य हंसकीर्ति सूरी महाराज के सानिध्य में गुरुवार के प्रवचन माला का आयोजन हुआ। उन्होंने बताया कि अगरबत्ती जलकर भी सुगंध फैलाती है, पेड़ पत्थर मारने पर आम देता है। इससे ही प्रेरणा लेकर मनुष्य को भी अपने निंदा करने वाले को प्रेम देना चाहिए। परिवार बनाना हो तो मन बड़ा रखना चाहिए। घर बड़ा होने से परिवार नहीं बन सकता। मनुष्य भले ही आग को भयानक कहते हैं परंतु आग भी पानी के आगे हार जाता है। इसी प्रकार क्रोध में भले कितनी ताकत हो परंतु प्रेम पानी की तरह उसे हरा देता है। आज के युग में पिता के पास बेटे के लिए समय नहीं है, भाई के पास बहन के लिए समय नहीं इसीलिए सभी का जीवन तनाव ग्रस्त है। 

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