Monday, 20 August 2018

सुखी परिवार कैसे बनाये आसीन्द में विशाल सेमिनार


     
आसीन्द-   तेरापंथ युवक परिषद आसीन्द के तत्वाधान में दिनांक 19.08.2018 रविवार की रात्रि में आयोजित विशाल सेमिनार "सुखी परिवार कैसे बनाये" विषय पर गांधी चौक के प्रांगण में अपने जोशीले प्रवचन में विचार व्यक्त करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या समणी निदेशिका मंजू प्रज्ञा जी ने कहा-समाज की सबसे छोटी इकाई है- परिवार। परिवार यदि सुखी है तो सब कुछ अच्छा होता है।गरीब परिवार कभी सुखी नही हो सकता।इसके संतुलन हेतु गरीब और अमीर की खाई को पाटना होगा।परिवार की नींव संस्कारो पर टिकी होती है। जिस परिवार में सतसंस्कारों का अभाव हो, वह परिवार सुखी नही हो सकता।आज के भौतिक युग मे शिक्षा के साथ बौद्धिकता का विकास बहुत हुआ किंतु भावनात्मकता का विकास नही हुआ।जिससे अहंभाव की बेतहाशा वृद्धि हुई।परिणाम परिवार एवं समाज का ऊपर नही उठना।आज आवश्यकता है सकारात्मक दृष्टिकोण की।पारस्परिक असन्तुलित व्यवहार, उपेक्षाभाव आदि सुखी परिवार के बाधक तत्व है।जिस परिवार में सहयोग की भावना होती है वहाँ रिश्तों में मिठास घुल जाती है।
       
समणी स्वर्णप्रज्ञा जी ने सुखी परिवार विषय को परिभाषित करते हुए कहा-आज की जटिल समस्या है-सहनशीलता का अभाव।सहनशीलता के अभाव में किशोर एवं युवा मानसिक तनाव से आत्म हत्या तक  कर लेते है।कई प्रयोगो द्वारा जैसे प्रेक्षा ध्यान आदि से इससे निजात पाया जा सकता है।अशिक्षा एवं अज्ञानता के कारण भी रिश्तों में बिखराव हो रहा है।प्रोजेक्टर के माध्यम से सुखी परिवार के बिन्दुओ को विस्तार से परिभाषित किया।
      समारोह के मुख्य अतिथि भीलवाड़ा विधायक श्रीमान विट्ठल शंकर जी अवस्थी ने परिवारों को सुखी न होना संस्कारो का अभाव एवं बच्चो के मन मे बड़ो के प्रति असम्मान का भाव होना बताया।
     समारोह के अध्यक्ष श्रीमान राजकुमार जी फत्तावत अध्यक्ष मेवाड़ कॉन्फ्रेंस ने कहा कि पारिवारिक सदस्यों में आपसी तालमेल की बहुत कमी है।माता,पिता,दादा,दादी एवं बच्चो में आपसी संवाद नियमित हो तो रिश्तों में मजबूती आ सकती है।एक दुसरे को समझने का प्रयास करना चाहिये। 
      विशिष्ठ अतिथि श्रीमान दिनेश राय जी सापेला SDM आसीन्द ने कहा कि आज के युग मे मोबाइल इंटरनेट बच्चो के लिये सबसे घातक साबित हो रहा है।बच्चो की मानसिक स्थिति इससे प्रभावित होती है।अभिभावक गण ध्यान दे तो इससे निजात पाया जा सकता है। विशिष्ठ अतिथि भूपेंद्र चोरडिया महामंत्री मेवाड़ कॉन्फ्रेंस ने भी अपने विचार व्यक्त किये। बाल कलाकार ऋषि दुगड़ ने अपनी मधुर स्वर लहरियों से सभी का मन मोहा।कन्यामण्डल की बहनों एवं ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियो द्वारा एक विशेष शब्द चित्र Please Use Me और Don't use me  द्वारा प्रस्तुति दी, जिसमे नशा मुक्ति, नैतिकता एवं सदभावना की प्रेरणा दी।
     
 तेयुप अध्यक्ष श्री रवि जी रांका ने पधारे हुए अतिथियों एवं महानुभवों का स्वागत किया। सभा अध्यक्ष श्री सुरेश जी रांका ने भी अतिथियों का स्वागत किया। 
     अतिथियों का सम्मान साहित्य और मोमेंटो से किया।युवक-युवतियों ने सुंदर सामूहिक गीतिका की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।कार्यक्रम का आगाज समणी वृंद के नमस्कार महामंत्र एवं युवक-युवतियों के सामूहिक गीत से हुआ।आभार कार्यक्रम संयोजक श्री गौतम जी चोरडिया ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी युवा साथियो का पूर्ण सहयोग रहा।कार्यक्रम का सफल संचालन मेवाड़ कॉन्फ्रेंस के सहमंत्री श्री  अनिल जी गोखरू ने किया।

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