Saturday, 18 August 2018

पर्यावरण की सुरक्षा के बिना भावी पीढ़ी की सुरक्षा संभव नहीं -- "शासन श्री" साध्वी श्री शिवमालाजी


 पर्वत पाटिया, सूरत में अणुव्रत समिति द्वारा आयोजित पर्यावरण विशुद्धि सेमिनार में प्रेरक उदबोधन

                                "भारत रत्न" पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलजी को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

सूरत - वर्तमान में पर्यावरण की समस्या गंभीर रूप धारण कर रही है।जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण एवं भूमि प्रदूषण में सतत बढ़ोतरी हो रही है। लोकमाता गंगा सहित सभी नदियां प्रदूषित हो गई है। पीने का शुद्ध पानी दुर्लभ हो रहा है, तो बड़े शहरों में श्वास लेने के लिए शुद्ध हवा भी उपलब्ध नहीं है। यही स्थिति रही तो हमारी भावी पीढ़ी के लिए जीना भी दूभर हो जाएगा। "
अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या "शासन श्री" साध्वी श्री शिवमालाजी ने अणुव्रत समिति, सूरत-उधना द्वारा श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, पर्वत पाटिया के सहयोग से आयोजित पर्यावरण विशुद्धि सेमिनार में उपरोक्त बात कही।

साध्वी श्री अमितरेखाजी ने कहा-- आजादी के बाद अनेक अभियान आए उसमें श्रेष्ठ है आचार्य श्री तुलसी द्वारा प्रवर्तित अणुव्रत अभियान। अणुव्रत वर्तमान युग की पर्यावरण की समस्या सहित अन्यान्य अनेक समस्याओं का भी सटीक समाधान देता है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें वृक्षों का जतन करना होगा। क्योंकि, वृक्ष हमें ऑक्सीजन देते हैं। हम पानी का भी दुरुपयोग ना करें। साध्वी श्री अर्हमप्रभाजी ने कहा -- जल ही जीवन है। पीने के लिए पानी चाहिए, स्नान के लिए पानी चाहिए एवं कृषि के लिए भी पानी चाहिए, फिर भी मनुष्य पानी का दुरुपयोग कर रहा है जो खतरे की घंटी के समान है।
इससे पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत माता के लाडले सपूत, अणुव्रत के पक्षधर एवं राजनीति के क्षेत्र में भी मानवीय मूल्यों को प्रथम स्थान देनेवाले "भारत रत्न" पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए दो मिनिट का मौन एवं लोगस्स पाठ के साथ दिवंगत आत्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि समर्पित की गई।
मुख्य वक्ता के रूप में "युवा गौरव" श्री राजेश जी सुराणा ने कहा -- "धर्मो रक्षति रक्षित:" के स्थान पर अब "पर्यावरण रक्षति रक्षित:" कहना ज्यादा उचित होगा। पर्यावरण की सुरक्षा के बिना हमारी सुरक्षा संभव नहीं है। आज गंगा जैसी पवित्र नदी का पानी पीने लायक तो नहीं रहा है, लेकिन नहाने लायक भी नहीं रहा है। गुरुदेव श्री तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन के द्वारा संयमित जीवन शैली का उपदेश दिया। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हम संयम को अपनाएंगे तो पर्यावरण की समस्या स्वत: सुलझ जाएगी।
अणुव्रत महासमिति के राष्ट्रीय प्रिंट मीडिया प्रमुख श्री अर्जुनजी मेड़तवाल ने पर्यावरण सुरक्षा हेतु स्व-जागृति का अनुरोध करते हुए कहा--पर्यावरण सुरक्षा की शुरुआत हमें स्वयं से करनी होगी।
अणुव्रत समिति अध्यक्ष श्री नेमीचंद जी कावड़ीया ने स्वागत वक्तव्य में कहा- पर्यावरण की समस्या पूरे विश्व के लिए चिंतनीय समस्या बनी हुई है। वर्तमान में अत्यधिक प्रदूषण से ओज़ोन की छतरी में बड़ा छेद हो गया है जिसके चलते समुद्र भी अपनी सीमाएं लांघ रहा है और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से मानव जाति संत्रस्त हो रही है।
तेरापंथी सभा, पर्वत पाटिया के अध्यक्ष श्री गौतम जी ढ़ेलडिया ने स्वागत वक्तव्य में आगंतुकों का भावपूर्ण स्वागत किया। तेरापंथ कन्या मंडल द्वारा प्रेरणास्पद मूक परिसंवाद की प्रस्तुति की गई। अणुव्रत समिति कार्यसमिति की बहनों एवं तेरापंथ महिला मंडल पर्वत पाटिया द्वारा मंगलाचरण किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अणुव्रत समिति के मंत्री श्री विजयकांतजी खटेड़ एवं आभार ज्ञापन संगठन मंत्री श्री जवेरीलालजी दुगड़ ने किया। पर्वत पाटिया तेयुप.अध्यक्ष श्री कुलदीपजी कोठारी ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर वृक्षारोपण किया गया एवं अपने घर-आंगन में उगाने हेतु अनेक पौधों का नि:शुल्क वितरण भी किया गया। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। व्यवस्था कार्यों में श्री रतनजी भलावत, विमलजी लोढ़ा, शम्भूलालजी कर्णावट, राजेशजी भलावत आदि की विशेष भूमिका रही।
साध्वी श्री ने आगे कहा-- प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन इसके साथ-साथ मानविकी पर्यावरण की सुरक्षा भी अत्यंत आवश्यक है। मानसिक प्रदूषण एवं वैचारिक प्रदूषण पर भी अंकुश लाना होगा। वर्तमान युग में उपकरण वाटरप्रूफ एवं फायरप्रूफ बन रहे हैं और मनुष्य प्रवचनप्रूफ बनता जा रहा है। अपने प्रदूषित विचारों को वह छोड़ना नहीं चाहता है। अनेक प्रवचन सुनने के बाद भी वह अपनी वृत्तियों और गलत आदतों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।यह गंभीर बात है। जहां तक मनुष्य का हृदय परिवर्तन नहीं होगा वहां तक मानसिक एवं प्राकृतिक गंदगी दूर होने वाली नहीं है।

संकलन--अर्जुन मेड़तवाल (उधना-सूरत)
उपाध्यक्ष, तेरापंथी सभा, उधना
राष्ट्रीय प्रिन्ट मीडिया प्रभारी,
*अणुव्रत महासमिति-नई दिल्ली*

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