शासन श्री साध्वी श्री ललित प्रभा जी का सूरत सीमा में प्रवेश एवं आध्यात्मिक संत मिलन
सूरत (अर्जुन मेड़तवाल) - शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या "शासन श्री" साध्वी श्री
पद्मावती जी गुरु आज्ञानुसार सूरत के उपनगरों की यात्रा परिसम्पन्न करने के
पश्चात शाहदा ( खानदेश )की ऒर चातुर्मासार्थ पधार रहे हैं एवं "शासन श्री"
साध्वी श्री ललित प्रभा जी डूंगरी का चतुर्मास पूर्ण कर उधना चातुर्मास
हेतु पधार रहे हैं इस संदर्भ में आज पर्वत पाटिया में उनका सूरत की सीमा
में प्रवेश हुआ। दोनों साध्वी ग्रुपों का मिलन तेरापंथ भवन पर्वत पाटिया
में हुआ।इस प्रसंग पर उधना, पर्वत पाटिया, लिंबायत आदि क्षेत्रों का विशाल
श्रावक समुदाय उपस्थित रहा।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में "शासन श्री" साध्वी श्री पद्मावती जी ने कहा -- आज अध्यात्म की दो सरिताओं का मिलन हो रहा है, दो दिलों का मिलन हो रहा है। यह मिलन नई ऊर्जा पैदा करेगा। संतों का समागम पाप, ताप एवं संताप को हरने वाला होता है। "शासन श्री" साध्वी श्री ललित प्रभा जी को मिलकर आज हम सात्विक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। वे एवं उनके सहवर्ती सभी साध्वीजी ज्ञानवान एवं विविध विशेषताओं से परिपूर्ण हैं। सूरत एवं उधना की जनता उनका अधिक से अधिक आध्यात्मिक लाभ उठाएं यह अपेक्षित है।
"शासन श्री" साध्वी श्री ललित प्रभा जी ने कहा -- "शासन श्री" साध्वी श्री पद्मावती जी को मिलकर हमारे दिल में अपार हर्ष की अनुभूति हो रही है। कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जिन्हें मिलकर दिल उतर जाता है, कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो स्वयं दिल में उतर जाते हैं । साध्वी श्री पद्मावती जी अत्यंत सौम्य, ऋजु, एवं विनम्र साध्वी जी हैं, और इसी लिए वे सभी के दिल में अपना स्थान बना लेते हैं। उनका वात्सल्य हमें खींच रहा था। उनके साथ आज जो मिलन हुआ है वह हमारे लिए और समूचे श्रावक समाज के लिए प्रेरणास्पद बन जाएगा। साध्वी श्री ललितप्रभाजी ने आगामी चातुर्मास में आध्यात्मिकता की दिशा में नए-नए कार्य करने की प्रेरणा दी।
साध्वी श्री गवेषणाश्रीजी, मयंक प्रभाजी, एवं दिव्ययशाजी ने साधु संतों के आगमन को धरती के पुण्योदय समान बताया। उन्होंने संतो को ऐसे कल्पवृक्ष की उपमा दी जिनसे जो भी कुछ अपेक्षा की जाती है, परिपूर्ण हो जाती है। साध्वी श्री अमित श्री जी, लब्धियशाजी मेरुप्रभाजी आदि ने सुंदर समूहगान की प्रस्तुति की।
स्वागत वक्तव्य तेरापंथी सभा, पर्वत पाटिया के अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद जी कोठारी एवं उधना सभा के अध्यक्ष श्री बसंती लाल जी नाहर ने दिया। तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री अनिल जी चंडालिया, उपासक श्री अर्जुनजी मेड़तवाल तेयुप. उधना अध्यक्ष नेमी चंद जी कुकड़ा पर्वत पाटिया के श्री अनिल जी चौधरी ,श्रीमती नेहा झाबक, श्री रतन जी भलावत, तेरापंथ महिला मंडल पर्वत पाटिया एवं चलथाण की बहनों ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति की। कार्यक्रम का संचालन पर्वत पाटिया सभा के मंत्री श्री पवन जी छाजेड़ ने किया।
दिनांक : 15-3-2018
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में "शासन श्री" साध्वी श्री पद्मावती जी ने कहा -- आज अध्यात्म की दो सरिताओं का मिलन हो रहा है, दो दिलों का मिलन हो रहा है। यह मिलन नई ऊर्जा पैदा करेगा। संतों का समागम पाप, ताप एवं संताप को हरने वाला होता है। "शासन श्री" साध्वी श्री ललित प्रभा जी को मिलकर आज हम सात्विक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। वे एवं उनके सहवर्ती सभी साध्वीजी ज्ञानवान एवं विविध विशेषताओं से परिपूर्ण हैं। सूरत एवं उधना की जनता उनका अधिक से अधिक आध्यात्मिक लाभ उठाएं यह अपेक्षित है।
"शासन श्री" साध्वी श्री ललित प्रभा जी ने कहा -- "शासन श्री" साध्वी श्री पद्मावती जी को मिलकर हमारे दिल में अपार हर्ष की अनुभूति हो रही है। कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जिन्हें मिलकर दिल उतर जाता है, कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो स्वयं दिल में उतर जाते हैं । साध्वी श्री पद्मावती जी अत्यंत सौम्य, ऋजु, एवं विनम्र साध्वी जी हैं, और इसी लिए वे सभी के दिल में अपना स्थान बना लेते हैं। उनका वात्सल्य हमें खींच रहा था। उनके साथ आज जो मिलन हुआ है वह हमारे लिए और समूचे श्रावक समाज के लिए प्रेरणास्पद बन जाएगा। साध्वी श्री ललितप्रभाजी ने आगामी चातुर्मास में आध्यात्मिकता की दिशा में नए-नए कार्य करने की प्रेरणा दी।
साध्वी श्री गवेषणाश्रीजी, मयंक प्रभाजी, एवं दिव्ययशाजी ने साधु संतों के आगमन को धरती के पुण्योदय समान बताया। उन्होंने संतो को ऐसे कल्पवृक्ष की उपमा दी जिनसे जो भी कुछ अपेक्षा की जाती है, परिपूर्ण हो जाती है। साध्वी श्री अमित श्री जी, लब्धियशाजी मेरुप्रभाजी आदि ने सुंदर समूहगान की प्रस्तुति की।
स्वागत वक्तव्य तेरापंथी सभा, पर्वत पाटिया के अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद जी कोठारी एवं उधना सभा के अध्यक्ष श्री बसंती लाल जी नाहर ने दिया। तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री अनिल जी चंडालिया, उपासक श्री अर्जुनजी मेड़तवाल तेयुप. उधना अध्यक्ष नेमी चंद जी कुकड़ा पर्वत पाटिया के श्री अनिल जी चौधरी ,श्रीमती नेहा झाबक, श्री रतन जी भलावत, तेरापंथ महिला मंडल पर्वत पाटिया एवं चलथाण की बहनों ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति की। कार्यक्रम का संचालन पर्वत पाटिया सभा के मंत्री श्री पवन जी छाजेड़ ने किया।
दिनांक : 15-3-2018


No comments:
Post a Comment