जयपुर। शासन स्तंभ श्रद्धेय मंत्री मुनि श्री सुमेरमलजी और मुनि श्री जय कुमार जी आदि ठाणा 5 ने अणुविभा भवन जयपुर में आध्यात्मिक मिलन किया। ज्ञात रहे की मुनि श्री जय कुमार जी कोलकाता से आचार्य प्रवर से विदा होकर लाडनू चाकरी में जाते हुए जयपुर पधारें, 17 00 किलोमीटर की लंबी यात्रा करते हुए जयपुर पधारें। आध्यात्म मिलन के प्रसंग पर मंत्री मुनि श्री ने फरमाया कि हम इन्हें अतिथि नहीं मान आत्मीय मानते हुए स्वागत करते हैं। जयकुमार जी साधनाशील संत है, इन्हें आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के चरणों में बहुत कुछ प्राप्त करने का अवसर मिला, गंभीर और व्यवहार कुशल संत हैं, इनकी अपनी विशेषता है। मुनि श्री उदित कुमार जी ने अपने विचार रखते हुए कहा जय कुमार जी संघ की विभूति है उनकी सहजता सरलता और विनम्रता सहज ही आकृष्ट करने वाली है। मुनि श्री जय कुमार जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि मुझे परम प्रसन्नता है कि आज मुझे मंत्री मुनि श्री के दर्शन हुए। आपका सदैव मुझ पर आशीर्वाद रहा है आगे भी यह आशीर्वाद बढ़ता रहे। आप धर्म संघ की विरल विभूति है, आप स्वस्थ रहते हुए अपने साधना करते हुए धर्म संघ को धर्म लाभ दे रहें हैं। मुनि श्री रोहित कुमार जी , मुनि श्री अनंत कुमार जी, मुनि श्री मुदित कुमार जी, मुनि श्री सुविधि कुमार जी, मुनि श्री रतन कुमार जी आदि संतों ने आध्यात्म मिलन के मधुर प्रसंग पर अपने भाव रखें। कार्यक्रम का संचालन मुनि श्री पुलकित कुमार जी ने किया। तेरापंथ समाज की ओर से सभा के अध्यक्ष दौलत डागा ने संतों का स्वागत किया। संतो के मिलन का भाव पूणा दृश्य देखकर धर्म सभा में उपस्थित सभी लोग भाव विभोर हो गये।

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