Tuesday, 16 January 2018

जागरूक व्यक्ति जीवन को सार्थक बना लेता है - - शासन श्री साध्वी श्री पद्मावती जी


उधना - शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या " शासन श्री " साध्वी श्री पद्मावती जी मुंबई का सफल चातुर्मास पूर्ण कर गुरु आज्ञानुसार राजस्थान की ओर पधार रहे हैं। मार्गवर्ती क्षेत्रों का संस्पर्श करते हुए आज उनका अपने सहवर्ती साध्वी श्री मेरुप्रभा जी, डॉ. गवेषणाश्रीजी एवं मयंकप्रभा जी के साथ तेरापंथ भवन, उधना में पदार्पण हुआ। उनका मर्यादा महोत्सव साध्वी श्री मधुबाला जी के साथ तेरापंथ भवन, सिटी लाइट में आयोजित होगा।
उधना में उपस्थित धर्म पिपासु भाई बहनों को संबोधित करते हुए साध्वी श्री पद्मावती जी ने कहा - जीवन में जागरूकता का विशेष महत्व है। भगवान महावीर ने कहा- "खनं जाना ही पंडिए "अर्थात् जो समय को पहचानता है वह पंडित है। धर्म ग्रंथों का कितना भी पारायण कर ले वही पंडित या बुद्धिमान नहीं है। सच्चा पंडित या बुद्धिमान तो वह है जो क्षण को पहचानता है, समय का मूल्यांकन करता है। जो व्यक्ति जागरूकता पूर्ण जीवन जीता है वह सत् कार्यों द्वारा - धर्माराधना द्वारा जीवन को सार्थक बना लेता है। जो समय को बर्बाद करता है वह प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ पाता है। ऐसे आदमी को पारसमणि भी मिल जाए तो भी वह उसका उपयोग नहीं कर सकता है। साध्वी श्री मेरु प्रभा जी ने सुमधुर गीत द्वारा श्रद्धा और भक्ति का महत्व प्रतिपादित किया।
साध्वी श्री डॉ. गवेषणा श्री जी ने शासन श्री साध्वी श्री नगीना श्री जी के साथ 25 वर्ष पूर्व सूरत में किए गए ऐतिहासिक चातुर्मास के संस्मरणों को याद करते हुए कहा - साध्वी श्री नगीना श्री जी तेरापंथ धर्म संघ के परम विदुषी साध्विययों में से थीं। पूज्य गुरुदेव ने स्वयं उनकी श्रम निष्ठा, संघ निष्ठा, गुरुनिष्ठा एवं आचार्य निष्ठा को उल्लेखनीय बताया है। वे विलक्षण प्रतिभा की धारक थीं। उनकी प्रवचन शैली, लेखन शैली एवं कवित्वशैली तीनों ही प्रभावक थीं। उनके संकल्प थे - मैं जीवनभर अप्रमत्त रहूं, जीवन भर गतिशील रहूं, एवं जीवन भर श्रमशील रहूं। कैंसर की गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने अपने तीनों संकल्पों को भलीभांति निभाया।
साध्वी श्री मयंक प्रभा जी ने वर्षों पूर्व समणी स्थितप्रज्ञाजी के साथ हुए अपने उधना प्रवास के संस्मरणों का अनुस्मरण करते हुए उधना के श्रावकों की श्रद्धा भक्ति की सराहना की। तेरापंथी सभा, उधना के अध्यक्ष श्री बसंतीलाल जी नाहर ने स्वागत वक्तव्य दिया। कार्यक्रम का संचालन सभा उपाध्यक्ष श्री अर्जुन जी मेडतवाल ने किया। "श्रेष्ठ कार्यकर्ता" श्री संपत जी आंचलिया तथा तेयुप. अध्यक्ष श्री नेमीचंद जी कुकड़ा ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति दी। मंगलाचरण तेरापंथ महिला मंडल, उधना ने किया।
समाचार संकलन -- अर्जुन मेड़तवाल

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