सूरत- पर्वत पाटिया स्थित चंद्रप्रभु जैन मंदिर के पास चल रहे ज्ञान गंगा महोत्सव के सुअवसर पर मुनि पुलक सागर महाराज ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान सरकार की व्यवस्था ही नहीं सामाजिक जिम्मेदारी भी है नशा मुक्ति के लिए सामाजिक क्रांति की जरूरत है नशा बहुत बुरी चीज है यह जीवन की दशा ही नहीं बदलती दुर्दशा भी करती है नशे से मुक्ति मिल जाए तो भारत बहुत मजबूत बन सकता है मुनि पुलक सागर ने कहा कि आप लोग भले ही कश्मीर से कन्याकुमारी तक जमीन के टुकड़े को भारत मानते हो लेकिन मैं हर इंसान को भारत मानता हूं भारत को सुधारना है तो सड़के सुधारने से पहले खुद को सुधारने की जरूरत है देश का हर नागरिक नशा मुक्त होकर पारिवारिक ,सामाजिक वह राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करें तो भारत का परिदृश्य ही कुछ और होगा महाराज ने कहा कि पीने वाले भले ही कुछ समय के लिए गम भूल जाते हैं लेकिन परिवार जीवन भर गम में डूबा रहता है यह दुर्भाग्य है कि जिस देश में गंगा यमुना जैसी पवित्र नदियां बहती हो वहां आज शराब की नदिया भी वह रही है भूकंप तूफान तो कभी-कभी आते हैं लेकिन बोतल का तूफान रोज आता है शराब को परिभाषित करते हुए महाराज ने कहा की श - सड़ाएगी रा -रुलाएगी ओर ब- बर्बाद कर देगी यानी शराब पहले सड़ाती है , रुलाती है और बर्बाद कर देती है नशा करने वालों ने भगवान महादेव को भी बदनाम कर रखा
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