Thursday, 22 August 2019

असफल होने पर आत्महत्या का विचार कायरता है - मुनि पुलक सागर जी

सूरत -चंद्रप्रभु जैन मंदिर पर्वत पाटिया पर चल रहे 22दिवसीय ज्ञान गंगा महोत्सव के 19 वे दिन को मुनि पुलक सागर महाराज ने कहा कि जन्म जन्मांतर के गुणों के बाद मनुष्य योनि मिलती है मानव शरीर के लिए देवता भी तरसते हैं जीवन यापन तो सभी जीव कर लेते हैं परंतु मनुष्य सत्कर्म परोपकार करते हुए भगवत प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है महाराज ने कहा कि ऐसी सुंदर मानव संरचना को कुछ लोग थोड़ी से असफलताओं के बाद जिंदगी को ही दांव पर लगा देते हैं सुख दुख संयम पूर्वक रहने का नाम जिंदगी है जीवन में असफल होने पर आत्महत्या का विचार कायरता है महाराज ने कहा कि आत्महत्या का भाव मन में आना भाव हिंसा होती है आगम व जिनवाणी के अनुसार ऐसे भाव हिंसा वालों को नरक गति प्राप्त होता है बहुत पुण्य का फल होता है तब सन्यास मिलता है दान व सन्यास का भाव आए तो तुरंत कर लेना लेकिन अशुभ विचार मन में आए तो उसे टालते जाना सन्यास वीरों का मार्ग है कन्यादान तो सभी करते हैं परंतु जगत कल्याण के लिए बेटों का दान तो विरले कोई माँ किया करती है सदियों का पुण्य होता है तब जाकर लोगों के बीच कोई जोगी बैठता है भौतिकता वादी जीवन नहीं दे सकती तो भौतिक असफलता जीवन ले भी नहीं सकती महाराज ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि कुछ कम अंक आने पर किशोर एवं कर्ज होने पर हमारे देश के किसान आत्महत्या कर लेते हैं जिंदगी भर मौत को जीतने का प्रयास करना चाहिए उन्होंने कहा कि अमेरिका के अब्राहम लिंकन 21 वर्ष की उम्र से चुनाव हारते रहे और 50 वर्ष की उम्र में अमेरिका के राष्ट्रपति बने समिति के मीडिया प्रभारी अशोक बड़जात्या ने बताया कि महाराज ने कहा कि जिंदगी को आनंद पूर्वक जीना चाहिए

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