Sunday, 26 November 2017

तेरापंथ समाज की एक महत्वपूर्ण गतिविधि है - ज्ञानशाला ( पांडेसरा की एक झलक )


तेरापंथ समाज की एक महत्वपूर्ण गतिविधि  है  - ज्ञानशाला  
ज्ञानशाला भावी पीढ़ी की महत्त्वपूर्ण स्कूल है, जिससे बच्चे अपने जीवन को सुदृढ़ बना सकते है। 
इसके माध्यम से  तेरापंथ महासभा द्वारा भावी पीढ़ी को संस्कारित, सुयोग्य और सम्यक दृष्टिसंपन्न बनाने के लिए तथा किशोर वय में ही उन्हें आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराने हेतु व्यापक स्तर पर पूरे देश में ज्ञानशालाओं का संचालन किया जाता है। इन ज्ञानशालाओं में जैन जीवन शैली और जैन तत्वों की प्राथमिक जानकारी देकर बच्चों को धार्मिक जीवन पद्धत्ति की ओर उन्मुख किया जाता है, साथ ही एक पूर्ण मनुष्य के निर्माण कि आधारशिला रखी जाती है।]
ज्ञानशाला भावी पीढ़ी की महत्त्वपूर्ण स्कूल है, जिससे बच्चे अपने जीवन को सुदृढ़ बना सकते है। इसी तरह की एक ज्ञानशाला तेरापंथ सभा उधना के अंतर्गत एक छोटा सा क्षेत्र है पांडेसरा ! जंहा एक छोटा सा तेरापंथ भवन है  महज 12 माह पूर्व शुरू हुई ज्ञानशाला जिसमे 110 तेरापंथी परिवार से  90 से 100 बच्चे हर रविवार को ज्ञानार्जन व संस्कार निर्माण करने हेतु आते है !
 आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्यों  से साथ संस्कार प्राप्त करते है  ! ज्ञानशाला का नाम आते ही  हम आचार्य तुलसी को याद करते है ! आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी कहते थे  ज्ञानशाला  एक प्रयोगशाला है ! ज्ञानशाला एक  सुंदर बगीचे की तरह है  जिसमे बच्चे फूल की तरह खिलते है !  ओर इसी तरह पांडेसरा तेरापंथ भवन मेरा आज   ज्ञानशाला  मे जाना हुआ !    बच्चो को  देखा मन पुलकित हो गया ! आचार्य श्री तुलसी  की दूरद्रष्टि  पर चिंतन करने लगा  !   ज्ञानशाला मे  9 शिक्षिका बच्चो के संस्कार निर्माण मे जो योगदान दे रही है !  साथ मे ज्ञानशाला  प्रभारी  श्री विनोद सीसोदिया व सह प्रभारी आशीष मुणोत  की अनुमोदना करता हु  
कुछ तस्वीर ---- घर घर जागे सद्संस्कार- ज्ञानशाला का यह उपहार,
                        ज्ञानशाला आएंगे- संस्कार पाएंगे, 
जीवन उच्च बनाएं-ज्ञानशाला आए 

  

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