Friday, 6 October 2017

पंच महाव्रतों के संकल्प के साथ डॉ. वरुण मुनि ने ली बड़ी दीक्षा

पालीके सिरयारी गांव में जन्मे डॉ. वरुण मुनि ने महावीर कॉम्पलेक्स में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में शुक्रवार को बड़ी दीक्षा प्राप्त की। इस दौरान वरुण मुनि ने पंच महाव्रतों अहिंसा, तप, संयम, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य के संकल्प के साथ धर्म के प्रति आस्था, मानव मात्र के कल्याण, जीवदया एवं संत जीवन के नियमों को जीवन में अंगीकार करने की प्रतिज्ञा ली। यह दीक्षा श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में श्री रूप सुकन चातुर्मास व्यवस्था समिति की ओर से रूप मुनि महाराज, सुकन मुनि, अमृत मुनि, डॉ. अमरेश मुनि, महेश मुनि, राकेश मुनि, मुकेश मुनि, हरीश मुनि, नानेश मुनि, हितेश मुनि, सचिन मुनि एवं बालयोगी अखिलेश मुनि के सान्निध्य में हुई।


समिति के संरक्षक महेंद्र भंसाली ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में सुबह सवा आठ बजे डॉ. वरुण मुनि ने बड़ी दीक्षा की प्रथम गोचरी ग्रहण की। तत्पश्चात सवा नौ बजे मंगलाचरण के साथ बड़ी दीक्षा का शुभारंभ हुआ। मंच पर आसीन संतों ने डॉ. वरुण को धर्म के प्रति आस्था, संत जीवन की आहारचर्या एवं इंद्रियों पर संयम रखने की शिक्षा देते हुए जैन धर्म के मुख्य पांच महाव्रतों की जीवन में पूर्ण रूपेण पालना करने की प्रतिज्ञा दिलवाई। इसी के साथ संतों ने डॉ. वरुण को पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, वनस्पति, त्रसकाय इत्यादि इन छह प्रकृति प्रदत संरचनाओं की रक्षा करने एवं उन पर करुणा का भाव रखने के साथ ही उत्थान करने की भी प्रतिज्ञा ग्रहण करवाई।  संत रूप मुनि अन्य संतों के सान्निध्य में डॉ. वरुण ने बड़ी दीक्षा ग्रहण की। 

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